#565. जब वो सामने से गुज़रे…

खुदा मेरे दिल को बस इतना मज़बूत कर दे,

की वो सामने से गुज़रे

और मुझे कोई फर्क न पड़े।।

🖋mयंक

हम 3 बहन और 1 भाई….

कुछ लिखने का इरादा है, शुरू करने से पहले सोचा Title share कर दूं।

शायद कुछ अंदाज़ा लग गया होगा Image देखकर, अगर नही लगा पाए, तो कोई नहीं जल्द ही शेयर करूँगा पूरी Story…. 😉

#564. तेरी ख़ामोशी… (Teri Khamoshi…)

सब कुछ कह गई तेरी ख़ामोशी।

पर मेरी नम आँखों से तुझे कुछ पता ना चला।।
Sab kuch kehe gai teri Khamoshi,

Par Meri Nam Aankhon se tujhe kuch pta na chala.

-mयंक

#563. खारा पानी…( Khaata Paani…)

​Socha na tha ki meri Mohabbat ka Hashra (result) aisa hoga.



Jo shuru hui Chehre par Muskaan se,

Us Kahani ka ant (end) Aankhon me Khaare Paani se hoga.


सोचा न था कि मेरी मोहब्बत का ऐसा हश्र होगा।

जो शुरू हुई चेहरे पर मुस्कान से,

उस कहानी का अंत आँखों में खारे पानी से होगा।।

💁mयंक

#562. साहब टिकेट है फ़र्ज़ी….

Holi का Season चल रहा है। कल मैं Office से निकला और जल्दी से Anand Vihar Bus Stand पहुँचा और Moradabad की Bus में बैठा, और बैठते ही Bus Conductor ने कहा कि Ticket 250₹ का होगा, जबकि Ticket 180-181₹ का होता है। मैंने देखा किसी ने ये नही कहा कि इतने का टिकट कैसे, ज्यादा पैसे क्यों ले रहे हो, Bus पर लिखा था U.P Transport की बस है। और Bus भी Bus Stand के अंदर खड़ी थी, इसका मतलब ये था कि Private Bus नही है, पर फिर Ticket इतना महँगा कैसे। पर सच यही है हमारी मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिस की गई, क्योंकि सबको घर जाना था, होली थी इसलिए किसी ने कुछ नहीँ कहा सबको इस भ्रष्टाचार से कोई फर्क नहीँ पड़ा, शायद मुझे भी नही। क्योंकि 250₹ का Ticket मैंने भी खरीदा। पर मैं जो कर सकता था वो किया, इनकी Compliant Mail ID पर Mail की, और Compliant Whatsapp No’ पे Msg किया, Msg seen भी हुआ, अब देखिये की कब तक Reply आता है। बस no’ था – H388. और Ticket भी देख लीजिए, Ticket भी फ़र्ज़ी है।।

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सर्जी,

टिकेट है फ़र्ज़ी।।

होली का Season है,

घर जाने का यही Reason है।

बस यही रही गिला,

180 का टिकट 250 में मिला।

अब किसे कन्हे की कौन सही कौन चोर है,

सब यँहा घूसखोर है।।

Bus में कोई नही श्रीष्टाचारी,

सब है इस जुल्म के भागीदारी।

💁mयंक

#561. लड़की हो, पर्दे में रहना सीखो…

खुद की आँखों में हया नहीं है,

और औरतों को पर्दे में रहने का फरमान सुनाते है।।

खुद के मन में मैल छुपा है,

और दूसरे के तन दिखने के बहाने में अपनी हवस छुपाते है।।

कुछ लोग तो बस राय देते है सही कपड़े पहनने की,

और कुछ की ज़ुबान पर घटिया अल्फ़ाज़ आजाते है।।

वो सोचते है कि उनकी लड़की हर चुनोतियों से लड़े,

पर ये नही चाहते की वो मर्दों से आगे बढ़े।।

नारी को अपने पाँव की जूती समझने वाले,

अक्सर ये भूल जाते है।।

की मर्द क्या, भगवान भी धरती पर नारी के गर्भ से होकर आते है।।

💁mयंक

#560. भीगा पल्लू…. ( Bheega Pallu…)

Tujhe Chodne ke peeche uski koi Majboori rahi hogi “mayank“,

Maine uske Pallu ka Sira Bheega dekha…

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तुझे छोड़ने के पीछे उसकी कोई मजबूरी रही होगी “मयंक”,

मैंने उसके पल्लू का सिरा भीगा देखा।।

💁mयंक


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#560. काफिये से काफिया जोड़ने वाले…

अच्छा लिखने वाले नही।

काफिये से काफिया जोड़ने वाले,

अक्सर खुद को शायर समझ बैठते है।।

💁mयंक

काफिया – Rhyme

#559. वक़्त को वक़्त की नज़र लगे…

कभी वक़्त को वक़्त की नजर लगे,

वक़्त अपनी डगर से जा भटके।

चलता है ये बिना रुके,

मेरी दुआ है कभी ये इतवार पर जा अटके।।

🤔mयंक

#558. दिल के अरमान तब टूटे…

दिल में बस एक ख्याल था,

वो पलटे,

मेरी ओर बढ़े,

मेरा हाथ थामें,

और कहे,

क्यों न दो से एक हो जाये,

दुनियादारी भूल आ गले लग जाए।।

पानी जैसे शांत मन्न में भूचाल सा आजाता,

गर उसकी ज़ुबाँ पर मेरा नाम आता।।

वो पलटी ज़रूर,

वो मेरी ओर बढ़ी,

मेरी धड़कने बढ़ी,

जब उसकी निगाह मुझसे लड़ी।

पर उस दिन एहसास हुआ,

की किसी अंजान पे दिल मत लगाना।

मेरे दिल के अरमान तब टूटे,

जब उसने कहा “भैया” ज़रा ये पता बताना।।

😂mयंक

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हर कहानी का अंत मोहब्बत भरा नहीं होता , कभी कभी मज़ाकिया भी होता है😁😁😁😁😁